घायल का स्वास्थ्य केंद्र में इलाज जारी, वन विभाग ने दी सहायता राशि
दमोह। जिले के वन परिक्षेत्र में भालुओं की मौजूदगी लगातार बढ़ने के साथ उनके हमले भी बढ़ रहे है। इसी तरह के मामले मेंमंगलवार रात तेंदूखेड़ा वन परिक्षेत्र की इमलीडोल बीट के जंगल में झाड़ियों से निकल कर भालू ने एक युवक पर हमला कर घायल कर दिया।हमले के बाद युवक ने अपने कपड़े उतारकर भागकर जान बचाई और हमले से उसके सिर में गंभीर चोट आई है।
जानकारी अनुसार इमलीडोल निवासी डालसींग पिता घनश्याम गौंड़, 30 वर्ष है ग्राम से अपनी बहन को लेने के पैदल हाथीडोल गांव जा रहा है। इसी बीच दानी बाबा के पास जंगल में झाड़ियों में छिपकर बैठे भालू ने उस पर हमला कर दिया। इस दौरान युवक जारुआ गांव की ओर भागकर अपनी जान बचाई। इसके बाद घटना की सूचना परिजनों को दी गई और घायल युवक को उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तेंदूखेड़ा लाया गया।
वन अमले ने सौंपी मदद
घटना की सूचना मिलते पर इमलीडोल बीट में पदस्थ वनरक्षक अभिषेक मोदी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे और घटना की जानकारी लेते हुए घायल युवक के परिजनों को प्रथम सहायता राशि के रूप में 1000 रुपये प्रदान किए और अच्छा इलाज कराने की सलाह दी साथ ही हर मदद का आश्वासन दिया है।
लगातार सामने आ रहे मामले
क्षेत्र में भालुओं के हमले की घटनाएं पहले भी सामने आ रही हैं l वर्ष 2024 में नगर के वार्ड क्रमांक 9 में भालू के जोड़े ने तीन लोगों पर हमला कर उन्हें घायल कर दिया था। मई 2022 में इमलीडोल निवासी 60 वर्षीय चेतराम पिता रघुबीर तेंदूपत्ता तोड़ने जंगल गए थे, जहां तलैया के पास मौजूद भालू ने उन पर जानलेवा हमला कर दिया था गंभीर हालत में उन्हें जबलपुर रेफर किया गया था। 24 सितंबर 2021 को इमलीडोल निवासी अट्ठी आदिवासी का जरुआ के जंगल में क्षत-विक्षत शव मिला था वह लकड़ी काटने जंगल गया था। उस समय ग्रामीणों और वन विभाग की टीम ने भालू के हमले की आशंका जताई थी। ग्रामीणों के अनुसार जरुआ, हाथीडोल, बारह, इमलीडोल, सैलबाड़ा और सिलपुरा के जंगलों में भालुओं की मौजूदगी लगातार देखी जा रही है। कई बार भालू अपने बच्चों के साथ भी घूमते दिखाई दिए हैं। रात के समय इनके गांवों की ओर आने की बात भी सामने आती रही है।
भालुओं की वास्तविक संख्या स्पष्ट नहीं
क्षेत्र में भालुओं की संख्या बढ़ने की चर्चा के बावजूद वन विभाग के पास इनकी वास्तविक संख्या का स्पष्ट आंकड़ा नहीं है। तेंदूखेड़ा, तारादेही, झलौन और तेजगढ़ क्षेत्र के जंगलों में भालुओं की मौजूदगी बताई जाती है। गर्मी के मौसम में पानी और भोजन की तलाश में वन्यप्राणियों के आबादी की ओर आने की घटनाएं बढ़ जाती है। इस संबंध में तेंदूखेड़ा वन परीक्षेत्र अधिकारी श्रेयांश जैन का कहना है कि रहवासी क्षेत्र या जंगल में भालू दिखाई देने पर उसके पास न जाएं और न ही उसे छेड़ें। तत्काल वन विभाग को सूचना दें तथा सावधानी बरतें, ताकि किसी अप्रिय घटना को रोका जा सके।