Political

प्रदर्शन के नाम पर पत्थरबाजी,पत्रकारों के साथ झड़प

दमोह में पन्ना जिले में हुई एक आत्महत्या मामले में न्याय के लिए किया जा रहा प्रदर्शन अराजकता में बदल गया..मामले में जहां पहले पुलिस से धक्कामुक्की कर बैरिकेटिंग तोड़ी गई, वहीं बाद में पत्रकारों के साथ अभद्रता, मारपीट और पत्थरबाजी की गई

नोहलेश्वर महोत्सव बना जनकल्याण का उत्सव…

दमोह : नोहटा में आयोजित नोहलेश्वर महोत्सव जनसेवा, सांस्कृतिक चेतना और सामाजिक समरसता का जीवंत उदाहरण बनकर सामने आया। महोत्सव के अंतर्गत जहाँ एक ओर दो दिवसीय विशाल निःशुल्क चिकित्सा…

Business

स्वाबलंबी भारत अभियान अंतर्गत डिजिटल हस्ताक्षर अभियान का शुभारंभ

दमोह। प्रत्येक युवा को रोजगार देने, बेरोजगारी की समस्या का स्थाई समाधान हेतु स्वर्णिम भारत अभियान अंतर्गत उद्यमिता आयोग के गठन को लेकर डिजिटल हस्ताक्षर अभियान का शुभारंभ रविवार को…

दस दिवसीय कार्यशाला का हुआ समापन

दमोह। सांस्कृतिक स्रोत एवं प्रशिक्षण केंद्र नई दिल्ली द्वारा क्षेत्रीय केंद्र दमोह में आयोजित प्राकृतिक एवं सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण में विद्यालयों की भूमिका विषय पर दस दिवसीय कार्यशाला का…

National

राष्ट्रीय एकता का बीज : संघ स्थापना की पृष्ठभूमि’

राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ अपनी स्थापना के शताब्दी वर्ष में है, और इन 100 वर्षों पर सो दिवसीय विशेष आलेख श्रृंखला का प्रथम दिन विनोद कुमार जी (प्रांत प्रचार प्रमुख)की…

5 शताब्दी पुरानी गणेश प्रतिमा, प्रतिवर्ष भरता है भव्य मेला

नगर के मध्य गजानन टेकरी पर तिल गणेश को लगेगा मेला दमोह। प्राचीन धरोहरों और संस्कृति से भरे नगर दमोह में शहर की मध्य एक ऐसा मंदिर भी है जहां…

Religion and Culture

नोहलेश्वर महोत्सव बना जनकल्याण का उत्सव…

दमोह : नोहटा में आयोजित नोहलेश्वर महोत्सव जनसेवा, सांस्कृतिक चेतना और सामाजिक समरसता का जीवंत उदाहरण बनकर सामने आया। महोत्सव के अंतर्गत जहाँ एक ओर दो दिवसीय विशाल निःशुल्क चिकित्सा…

संघ को किताब, अखबार और भाषणों से नहीं, संघ आकर जानिए…

राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के शताब्दी वर्ष पर आयोजित कार्यक्रमों की श्रृंखला में शनिवार को नगर के तहसील मैदान में युवा सम्मेलन आयोजित किया गया। आयोजन में जिले के अलग अलग खंडों से 5 हजार से ज्यादा युवा शामिल हुए, जिन्होंने संघ के ओजस्वी वक्ताओं के राष्ट्र और समाज को सशक्त बनाने के विचार सुने। इस दौरान युवाओं ने भारत की गौरव गाथा, सांस्कृतिक विशेषताओं के साथ राष्ट्र प्रथम की भावना को समझा और अपने विचारों में समाहित किया। आयोजन में 18 वर्ष से 35 वर्ष के युवा शामिल हुए।