स्कूली छात्रों ने किया जहरीले बीज का सेवन!
हालत बिगड़ने से 50 से अधिक बच्चे हुए एक साथ बीमार, पथरिया के किशुनगंज प्राथमिक शाला का मामला

दमोह। जिले के ब्लॉक पथरिया अंतर्गत आने वाले ग्राम किशुनगंज की शासकीय प्राथमिक शाला में पढ़ने वाले 50 से अधिक बच्चों ने अरंडी के बीज का सेवन कर लिया। बच्चों को बिगड़ती हालत के चलते स्थानीय स्तर पर इलाज के बाद जिला अस्पताल लाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। बताया जा रहा है कि बच्चों ने स्कूल परिसर में लगे अरंडी के पेड़ के बीज खा लिए जिसके बाद उन्हें उल्टियां और चक्कर आना शुरू हो गया। बच्चों की बिगड़ती हालत के चलते परिजनों और स्कूल प्रबंधन को मिलने पर सभी को एक जिला अस्पताल लाया गया, जहां अब बच्चों की हालत सामान्य है।
फल समझकर खाते गए बच्चे
मामले के संबंध में बच्चों ने बताया कि दोपहर करीब 3.30 पर किसी बच्चे ने वह अरंडी के बीज तोड़े और उसके अंदर का हिस्सा निकाल कर खा लिया। बच्चे को उसका स्वाद अच्छा लगने पर उसने दूसरे बच्चों को भी बताया और एक एक करके सभी बच्चे अरंडी के बीज तोड़ तोड़कर खाने लगे। इसके बाद बच्चों को चक्कर आना और उक्तियों की शिकायत शुरू की। बड़ी संख्या में बच्चों की हालत बिगड़ता देख स्कूल प्रबंधन सहित परिजनों भी सकते में आ गए। बच्चों का तत्काल ही स्थानीय स्तर पर इलाज कराया गया और उसके बाद उन्हें जिला अस्पताल लाया गया। बच्चों की संख्या अधिक होने के चलते जिला अस्पताल में शिशु वार्ड सहित डेंगू वार्ड में बच्चों को भर्ती कर इलाज शुरू किया गया, जहां उनकी हालत अब सामान्य है।


प्रशासनिक अमले ने दिखाई तत्परता
मामले की जानकारी मिलने पर स्वास्थ्य अमले के साथ पुलिस प्रशासन का अमला भी व्यवस्थाओं में जुट गया। मौके पर एसडीएम दमोह आरएल बागरी, एसडीएम पथरिया निकेत चौरसिया, जिला शिक्षा अधिकारी एसके नेमा, तहसीलदार पथरिया, सिविल सर्जन डॉ पटेल ने इलाज के दौरान व्यवस्थाएं बनाई। की जानकारी मिलने पर कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर और पुलिस अधीक्षक श्रुतकीर्ति सोमवंशी भी मौके पर पहुंचे और और बच्चों और परिजनों से मामले की जानकारी ली। इस दौरान एहतियात के तौर पर किशुनगंज ग्राम में भी एंबुलेंस और स्वास्थ्य अमले की तैनाती के साथ प्रशासनिक अमला स्थितियों पर नजर रखे हुए है। राज्य सरकार के मंत्री और पथरिया विधायक लखन पटेल में उचित इलाज और पर्याप्त सुविधाएं बच्चों को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए है। और उनका अमला जिला अस्पताल में बच्चों और परिजनों को मदद उपलब्ध कराने में सक्रिय रहा।

