तहसीलदार के आश्वासन पर 3 घंटे में खुला जाम
दमोह। जिले में नौरादेही अभयारण्य क्षेत्र अतर्गत विस्थापित गांव उनारीखेड़ा के ग्रामीण सोमवार को विस्थापन पैकेज की राशि नहीं मिलने पर विरोध जताते हुए सड़कों पर आ गए और बड़ी संख्या में लोगों ने सड़क जाम कर दी। ग्रामीणों के अनुसार ग्राम के 150 से अधिक लोगों को विस्थापन पैकेज की राशि नहीं मिली है , जिससे वह जंगली जानवरों के भय के साये में रहने को मजबूर है।ग्रामीणों के प्रदर्शन के दौरान वहां जाम की स्थिति बन गई। मौके पर पहुंचे प्रशासनिक अधिकारियों ने आश्वासन देकर जाम खुलवाया लेकिन इस दौरान आक्रोशित लोगों ने चेतावनी दी कि जल्द ही उनकी मांग पूरी नहीं होती है तो वह पुनः आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।
जंगलो के बीच स्थित है ग्राम
ग्रामीणों का कहना है कि उनारीखेड़ा गांव जंगल के बीच स्थित होने के कारण यहां जंगली जानवरों का खतरा बना रहता है। शासन द्वारा गांव के विस्थापन की प्रक्रिया की जा चुकी है, लेकिन कई पात्र ग्रामीणों को अभी तक पैकेज राशि नहीं मिली है। यदि राशि मिल जाए तो वह जंगल के बीच स्थित गांव को छोड़कर सुरक्षित स्थान पर जाकर अपना घर-परिवार बसा सकेंगे। राहत राशि के संबंध में ग्रामीण कई बार कलेक्टर, एसडीएम सहित संबंधित अधिकारियों को आवेदन दे चुके हैं। इसके बावजूद समस्या का निराकरण नहीं हुआ।
लंबित है प्रस्ताव, स्वीकृति का इंतजार
इस संबंध में तहसीलदार विवेक व्यास ने बताया कि तीन बार प्रस्ताव भेजा गया है और इनमें से दो बार जिला कमेटी द्वारा प्रस्ताव को स्वीकृति दी जा चुकी है, जबकि तीसरी बार का प्रस्ताव अभी लंबित है। उन्होंने बताया कि वन विस्थापन से संबंधित प्रक्रिया ब्लॉक स्तर पर पूरी हो चुकी है, लेकिन जिला स्तर पर मामला लंबित होने के कारण आगे की प्रक्रिया रुकी हुई है। तहसीलदार ने कहा कि जल्द से जल्द मामले का निराकरण कराने का प्रयास किया जाएगा।
शराबी को भेजा जेल
प्रदर्शन के दौरान जाम में शामिल एक व्यक्ति के शराब के नशे में होने की जानकारी मिलने पर तहसीलदार ने उसे कार्रवाई के लिए तेंदूखेड़ा थाना भिजवाया।
तेंदूखेड़ा से सहयोगी विशाल रजक