लोगों की आस्था का केंद्र बना सांकला शिव मंदिर
दमोह। जिले के तारादेही में स्थित सांकला शिव मंदिर लोगों की आस्था और विश्वास के चलते आकर्षण का केंद्र बन गया है। मान्यता है कि यहां स्थापित शिवलिंग का आकार प्रतिवर्ष बढ़ रहा है और लोगों की यह मान्यता उनके विश्वास और आस्था को और भी बढ़ा रही है। इस शिव मंदिर में साल भर ही श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रहती है लेकिन श्रावण मास में श्रद्धालुओं की संख्या और भी ज्यादा बढ़ जाती है।
15 वर्ष पूर्व प्रगट हुआ शिवलिंग
बताया जाता है कि यह शिवलिंग करीब 15 वर्ष पूर्व स्थानीय आदिवासी समाज के लोगों को नदी में दिखाई दिया था। इसके बाद लोगों ने पानी के बीच ही शिवलिंग को किनारे लाने का प्रयास किया लेकिन यह पवित्र शिवलिंग नदी के पानी से बाहर नहीं निकल सका। इसके बाद तारादेही निवासी स्वर्गीय जालम सिंह लोधी ने इस शिवलिंग का विधि विधान से पूजन अर्चन कराया तो शिवलिंग नदी के पानी से बाहर निकल आया और उसके बाद सभी लोगों ने एक मत होकर उसे तारादेही थाने के पास स्थित सांकला मंदिर में स्थापित कर दिया।
समय के साथ बढ़ता आकार!
स्थानीय लोगों और भक्तों की माने तो इस शिवलिंग का आकार समय के साथ बढ़ता ही जा रहा है। नदी में मिलने और स्थापना के समय यह शिवलिंग छोटा था लेकिन करीब 15 वर्षों के बाद अब इस शिवलिंग का आकार 5 फीट हो गया है और भक्त लगातार शिवलिंग का पूजन अर्चन और अभिषेक करते हैं। वही सांकला मंदिर में कई और भी मंदिर में देवी देवता विराजमान है जो इस मंदिर के महत्व को और भी ज्यादा बढ़ा देते हैं।
सहयोगी विशाल रजक और अंकित घोषी