शादियों के बाद रुपए और जेवर लेकर हो जाते थे चम्पत
दमोह । जिले में फर्जी शादी के नाम पर जालसाजी और लूट करने वाले एक गिरोह का खुलासा पुलिस ने किया है। मामले में कार्यवाही करते हुए पुलिस ने गिरोह से जुड़े तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। एक अन्य आरोपी इसी तरह के मामले में पूर्व से ही जेल में बंद है। यह गिरोह इतना शातिर था कि दूल्हे की पहचान के हिसाब से दुल्हन की पहचान बदल दी जाती थी, और फर्जी दस्तावेज भी बना दिए जाते थे।
जानकारी अनुसार जिले के देहात थाना की सागर नाका चौकी अंतर्गत एक पीड़ित दिनेश पिता रामकौशल विश्वकर्मा 38 वर्ष निवासी बांसा तारखेड़ा ने पुलिस को शिकायत दर्ज कराई की उसके साथ ग्राम के नर्मदा पटैल और उनके साथ जैसीनगर थाने के ग्राम कनेरा निवासी नीरज पटेल एवं मालती पटैल द्वारा जबलपुर के रांझी निवासी खुशबू राजपूत नामक युवती से 20 अप्रेल को रानगिर मंदिर से शादी कराई। आरोपियों द्वारा शिकायतकर्ता से शादी कराए जाने के नाम पर 1 लाख 70 हजार रूपये नगद लिए और परिजनों ने 2 लाख 40 हजार रूपये के जेवर दुल्हन को दिये गये।
3 दिन बाद रिश्तेदार बनकर ले गए दुल्हन
शादी के 3 दिन बाद आरोपियों में शामिल मालती पटेल उनके घर दुल्हन की बहिन बनकर आई और दुल्हन खुशबू को अपने साथ मायके ले जाने और फिर वापस लाने की बात कहकर ले गई। लेकिन इनके जाने के बाद ना दुल्हन लौटी और ना उनसे कोई संपर्क हो सका।
जालसाजी का हुआ अंदेशा
जालसाजी का अंदेशा होने पर मामला पुलिस तक पहुंचा और पीड़ित की रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने कार्यवाही करते हुए जांच शुरू की और सूचनाओं के आधार एक-एक कर कर सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया। पूछताछ में उनके द्वारा अपना अपराध स्वीकार कर लिया गया है। पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया है, जहां से इन्हें जेल भेज दिया गया।
संगठित गिरोह से अपराध
पुलिस जांच में है सामने आया है कि यह गिरोह संगठित तरीके से फर्जी शादियां कराकर लोगों को लूट रहा था। मामले के मुख्य सरगना नीरज पटेल और मालती पटेल ऐसी कई लुटेरी दुल्हनों को अपने गिरोह में शामिल किए थे।यह सभी ऐसे परिवारों को तलाश कर परिवार की जाति और धर्म के हिसाब से दुल्हन का नाम पता और आधार और वोटर कार्ड जैसे फर्जी दस्तावेज तैयार करते थे और फिर शादी कराते थे। शादी के कुछ दिन बाद गिरोह दुल्हन सहित रकम और जेवरात लेकर फरार हो जाते थे। पूर्व में भी इन्होंने इस तरह की कई फर्जी शादियों से लूट की घटना को अंजाम दिया था और इस मामले के बाद भी इन्होंने पकड़ी गई लुटेरी दुल्हन का विवाह कोटा राजस्थान में कर दिया था। इस गिरोह का एक अन्य साथी पूर्व से ही इसी तरह के अपराध के आरोप में पन्ना जेल में बंद है जिसकी भी पुलिस रिमांड ले सकती है।
पुलिस टीम ने किया कार्य
इस मामले को सुलझाने के लिए पुलिस महकमे की भूमिका सराहनीय है। मामले में पुलिस अधीक्षक आनंद कलादगी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुजीत भदोरिया,नगर पुलिस अधीक्षक एचआर पांडे सहित, देहात थाना प्रभारी धर्मेन्द्र उपाध्याय, सागर नाका चौकी प्रभारी विक्रम दांगी, प्रधान आरक्षक रामकुमार,आरक्षक अखलेश छारी, योगेन्द्र,मनीष,रचना विश्वकर्मा, सैनिक गीता पटैल, महफूज की भूमिका रही।