घर में फंदे पर लटके मिले एक ही परिवार के तीन सदस्यों का शव
18 माह की मासूम, गर्भवती मां और पिता की मौत से पूरे क्षेत्र में मातम, परिजनों ने लगाए हत्या का आरोप

दमोह। जिले के तेंदूखेड़ा के वार्ड क्रमांक 1 केवट मोहल्ला में गुरुवार को एक घर के अंदर पति, पत्नी और उनकी 18 माह की दुधमुंही बच्ची के शव फांसी के फंदे पर लटके मिले। मृतकों में 25 वर्षीय मनीष पुत्र ख़ुब्बी केवट, उसकी 24 वर्षीया पत्नी माही उर्फ दसोदा और 18 माह की बेटी आरोही शामिल हैं। बताया यह भी जा रहा है कि मृतक महिला चार माह की गर्भवती थी।
मामले की जानकारी मिलने पर पुलिस सहित एफएसएल टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। वहीं घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक श्रुतकीर्ति सोमवंशी भी मौके पर पहुंचे और मामले की जानकारी लेकर आवश्यक दिशा निर्देश जांच टीम को दिए। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में मातम की स्थिति देखी गई।

परिजनों ने देखे शव
जानकारी अनुसार मृतक दंपत्ति अपनी मृतक बेटी आरोही का मुंडन कराने के लिए रिश्तेदारों के साथ बांदकपुर जाने वाला था। सुबह जब मृतक मनीष की साली गीता केवट उन्हें जगाने पहुंची और काफी देर तक दरवाजा खटखटाने के बाद भी कोई हलचल नहीं हुई, तो स्थानीय लोगों की मदद से दरवाजा तोड़ा गया तो अंदर शव फंदे से लटके हुए मिले। घटना के बाद पुलिस ने जांच शुरू की है और मौके से साक्ष्यों का संकलन भी किया गया है। वहीं एसडीएम और तहसीलदार की उपस्तिथि में शव को उतारकर पंचनामा कार्यवाही के बाद पोस्टमार्टम कराया गया है और पोस्टमार्टम के बाद ही मौत के असली कारण स्पष्ट होंगे।
परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप
परिजनों ने घटनाक्रम को सामूहिक आत्महत्या मानने से इनकार करते हुए हत्या की आशंका जताई है। परिजनों के अनुसार, मनीष ने लगभग एक वर्ष पूर्व कृष्णा केवट नामक व्यक्ति से 2 लाख 50 हजार रुपए में मकान खरीदा था जिसके 2 लाख रुपए नगद दे दिए थे और केवल 50 हजार रुपए शेष थे। आरोप है कि इसके बावजूद मकान मालिक न तो मकान की रजिस्ट्री कर रहा था और न ही मनीष के 2 लाख रुपए वापस कर रहा था। इसी बात को लेकर पूर्व में विवाद भी हुए और पूर्व में जान से मारने की धमकी मिलने पर पुलिस में भी शिकायत की गई थी, जिसपर कोई कार्यवाही नहीं हुई। पुलिस ने परिजनों के बयान दर्ज किए है जिसे जांच में शामिल किया जाएगा।

“घटनास्थल का जायजा लिया गया है। परिजनों के बयानों और साक्ष्यों के आधार पर जांच की जा रही है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का खुलासा हो सकेगा। जांच के आधार पर विधिवत कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।”
श्रुतकीर्ति सोमवंशी, एसपी दमोह
