आस्था का सैलाब: दमोह की गजानन टेकरी पर उमड़ा भक्तों का जनसैलाब
प्राचीन तिल गणेश मेले में 50 हजार श्रद्धालुओं ने किए दर्शन

दमोह। नगर की प्रसिद्ध गजानन टेकरी पर मंगलवार को संकटा चौथ के पावन अवसर पर पारंपरिक ‘तिल गणेश मेले’ का भव्य आयोजन हुआ। ऊँची पहाड़ी पर स्थित इस सिद्ध स्थल पर भगवान श्री गणेश और माता संतोषी के दर्शन के लिए सुबह से ही भक्तों की लंबी कतारें लगी रहीं। मेले का प्रारंभ पंडित राजेश पाठक के मार्गदर्शन में आयोजित हवन-पूजन के साथ हुई। मंदिर परिसर को रंग-बिरंगी विद्युत झालरों और ताज़े फूलों से आकर्षक रूप से सजाया गया था। सुबह मंदिर के कपाट खुलते ही सिद्धि विनायक के दर्शनों के लिए श्रद्धालुओं की कतारें लग गईं, जो देर रात तक जारी रहीं। मंदिर व्यवस्थापक दिलीप चौरसिया व कोमल चौरसिया ने बताया कि मंगला आरती के बाद भक्तों के लिए मंदिर के द्वार खोल दिए गए।
महिलाओं ने किया विशेष पूजन अर्चन
इस अवसर पर महिलाओं की विशेष भीड़ और पूजन अर्चन देखने को मिला। भक्तों ने भगवान गणेश को तिल का लड्डू, दूर्वा और फूलों की माला अर्पित की और बड़ी संख्या में महिलाओं ने अपनी संतान के दीर्घायु और स्वस्थ जीवन की कामना को लेकर भगवान का पूजन अर्चन किया।

मराठा काल से विराजे भगवान श्री गणेश
गजानन टेकरी के मंदिर में भगवान श्री गणेश की 500 वर्षों से अधिक पुरानी मराठा कालीन प्रतिमा विराजमान है। साल में एक बार आयोजित होने वाले इस मेले का विशेष धार्मिक महत्व है। मान्यता है कि यहाँ भगवान गणेश को दूर्वा (दूध घास) और तिल के लड्डू अर्पित करने से संतान प्राप्ति की मनोकामना पूर्ण होती है। मन्नत पूरी होने पर सैकड़ों श्रद्धालु यहाँ आकर आस्था प्रकट करते है ।

भक्तो की टिकी है आस्था
दर्शन के लिए पहुँची पूर्व नपा अध्यक्ष मालती असाटी ने बताया कि पहाड़ी की ऊँचाई और कठिन चढ़ाई के बावजूद भगवान के प्रति अटूट आस्था भक्तों को यहाँ खींच लाती है और वह अपने बचपन से यहां आ रही है और आज भी सारा दिन भगवान के सानिध्य में बिताया है।
बनाई गई पर्याप्त व्यवस्थाएं
मेले की व्यापकता को देखते हुए पुलिस प्रशासन और आयोजन समिति पूरी तरह सतर्क रही। नगर पुलिस अधीक्षक एचआर पांडे ने बताया कि भीड़ को नियंत्रित करने और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया था। आयोजन समिति के सदस्य मोंटी रैकवार और मोनू चौरसिया के अनुसार, इस वर्ष मेले में 50 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। प्रशासन और स्थानीय समितियों के सहयोग से यह आयोजन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।

