सजिया गांव में सामने आई योजना की हकीकत
दमोह। शासन की महत्वाकांक्षी नल-जल योजना के दावों के विपरीत, जिले की पथरिया विधानसभा के सुजनीपुर जनपद पंचायत के सजिया गांव में ग्रामीण आज भी बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं। यहां की जमीनी हकीकत विकास के दावों पर गंभीर सवाल खड़े करती है, जहां ग्रामीण महिलाएं सिर पर बर्तन रखकर मीलों दूर से पानी लाने को मजबूर हैं।
दरअसल पथरिया विधानसभा में पानी की किल्लत कोई नई बात नहीं है, लेकिन ‘नल-जल योजना’ के लागू होने के बावजूद सजिया गांव की स्थिति में कोई सुधार नहीं आया है। गांव की महिलाएं आज भी अपनी गोद में बच्चे और सिर पर भारी बर्तन लिए घंटों इंतजार करने और पैदल चलने के बाद ही थोड़ा-बहुत पानी जुटा पाती हैं।
कौन सुनेगा ग्रामीणों की समस्याएं
हालातों पर अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए एक महिला ने बताया, पानी नहीं मिल रहा है, नल घर-घर लग गए हैं पर पानी नहीं आ रहा और यह सालों पुरानी समस्या है जो सुलझने का नाम नहीं ले रही। गांव के ही गोविंद ने पानी की सप्लाई में तकनीकी खामियों और प्रशासनिक लापरवाही को उजागर करते हुए बताया कि पानी का मुख्य स्रोत (टूंडा) उनके गांव से लगभग ढाई किलोमीटर दूर है। उन्होंने कहा, “हम मजदूर आदमी हैं, जब काम पर चले जाते हैं तो पीछे से पानी आता है और जब घर होते हैं तो सप्लाई बंद रहती है। ग्रामीण महिला शारदा ने बताया कि मशीन चलने के बाद पानी को गांव तक पहुंचने में ही 2 घंटे का समय लग जाता है। ऐसे में बिजली कटौती या मशीन में खराबी होने पर पूरा गांव प्यासा रह जाता है। मायारानी ने कम प्रेशर की समस्या बताते हुए कहा कि नल में इतना कम प्रेशर है कि जमीन पर तसला रखकर बहुत पतली धार से पानी भरना पड़ता है। अगर बर्तन को थोड़ा भी ऊपर उठा लिया जाए, तो पानी आना बंद हो जाता है।
एक हफ्ते से पानी ही नहीं
ग्रामीणों का कहना है कि पिछले एक हफ्ते से गांव में पानी की एक बूंद भी नहीं आई है। ‘नल-जल योजना’ के तहत किए गए वादे यहां खोखले नजर आ रहे हैं। पानी की अनुपलब्धता के कारण न केवल दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा है, बल्कि ग्रामीणों को अपनी दिहाड़ी छोड़कर पानी का इंतजार करना पड़ता है या दूर-दराज पर निर्भर रहना पड़ता है। वहीं इन हालातों पर चर्चा करने पर पंचायत सचिव राहुल चौरसिया ने बताया कि उन्होंने जल निगम के अधिकारियों को कई बार इस समस्या से अवगत कराया है, लेकिन वे हर बार अपना स्थानांतरण होने की बात कहकर पल्ला झाड़ लेते हैं, जिसके चलते लगभग 400 ग्रामवासी पानी के लिए परेशान हैं।
जिम्मेदार बोले संज्ञान में नहीं
जब इस संबंध में जल निगम मध्य प्रदेश शासन के प्रबंधक डॉ. मनोज राज से बात की गई, तो उन्होंने कहा, “मेरे संज्ञान में आज तक यह बात नहीं आई है, यह अलग बात है कि ग्राम वासियों ने और पंचायत के प्रतिनिधियों ने शाखा में आवेदन दिया होगा। अगर मेरे पास लिखित शिकायत आती है तो निश्चित ही शाखा के कर्मचारियों सहित अधिकारियों पर कार्यवाही करूंगा एवं ग्राम वासियों की समस्या का निराकरण जल्दी करवाऊंगा।

पथरिया से सहयोगी प्रबल सोनी