जांच उपरांत 5 वर्ष पूर्व पदस्थ कलेक्टर के होने की पुष्टि
दमोह। दमोह कलेक्टर बंगले की पुरानी दराज में एक संदिग्ध मोबाइल मिलने के बाद हड़कंप की स्थिति बन गई। दरअसल दमोह कलेक्टर प्रताप नारायण यादव को उनके बेडरूम की एक पुरानी कवर्ड की दराज में एक पुराना मोबाइल मिला जिसके बाद वह अलर्ट हुए और मोबाइल के संबंध में जानकारी जुटाना शुरू की तो पहले तो मोबाइल के संबंध में किसी से कोई भी जानकारी नहीं मिली लेकिन जब बंद पड़े मोबाइल को चार्ज किया गया तो उसमें एक बच्ची की फोटो वॉलपेपर के रूप में नज़र आई। इसके बाद मोबाइल वर्ष 2021 में पदस्थ रहे कलेक्टर एस कृष्ण चैतन्य से जोड़कर देखा गया और तत्कालीन कलेक्टर ने इसकी पुष्टि भी करते हुए इसे उनका वर्ष 2021 में खोया मोबाइल बताया, जिसके बाद सबने राहत की साँस ली। उल्लेखनीय है कि बीते दिनों कलेक्टर कार्यालय में कलेक्टर कक्ष की जासूसी का एक मामला सामने आया था, जिसमें कार्यवाहियां भी हुई और जांच भी जारी है। इसके चलते उनके बेडरूम में मोबाइल मिलना संदेह पैदा कर रहा था। हालांकि वर्ष 2021 में पदस्थ कलेक्टर के बाद आए अन्य कलेक्टर की इसपर नजर ना पड़ना भी हैरानी पैदा करता है।