जिले तक पहुंची स्टिंग ऑपरेशन की आग, प्रधान आरक्षक निलंबित

लोकायुक्त के दो डीएसपी पीएचक्यू हुए अटैच

दमोह/भोपाल। लोकायुक्त संगठन में भ्रष्टाचार के मामलों में कथित सौदेबाजी और सेटिंग के आरोपों से जुड़े एक स्टिंग ऑपरेशन का बड़ा असर सामने आया है। विशेष पुलिस स्थापना (लोकायुक्त) के महानिदेशक योगेश देशमुख ने तत्काल कार्रवाई करते हुए तीन कर्मचारियों को निलंबित कर दिया है। इनमें दमोह जिला पुलिस बल से सागर लोकायुक्त में पदस्थ कार्यवाहक प्रधान आरक्षक यशवंत सिंह ठाकुर भी शामिल हैं।

लोकायुक्त संगठन में कथित रूप से भ्रष्टाचार के मामलों को प्रभावित करने और लेन-देन के जरिए प्रकरणों के निपटारे से जुड़े वीडियो सामने आने के बाद विभाग में हड़कंप मच गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए उच्च स्तर पर जांच कराई गई, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई है।


दमोह के प्रधान आरक्षक पर भी कार्यवाही

निलंबित किए गए कर्मचारियों में भोपाल लोकायुक्त के टेक्नीशियन अमित विश्वकर्मा, आरक्षक रामदास कुर्मी तथा सागर लोकायुक्त में पदस्थ दमोह पुलिस बल के कार्यवाहक प्रधान आरक्षक यशवंत सिंह ठाकुर शामिल हैं। यशवंत सिंह ठाकुर पर हुई कार्रवाई को लेकर दमोह पुलिस महकमे में पूरे दिन चर्चाओं का दौर बना रहा।

दो डीएसपी हटाए गए, निलंबन का प्रस्ताव

मामले की गंभीरता को देखते हुए लोकायुक्त संगठन में पदस्थ डीएसपी मंजू सिंह और डीएसपी बी.एम. द्विवेदी को भी उनके पदों से हटाकर पुलिस मुख्यालय भोपाल भेज दिया गया है। सूत्रों के अनुसार दोनों अधिकारियों के निलंबन का प्रस्ताव भी शासन को भेजा गया है।

लोकायुक्त की साख पर उठे सवाल

भ्रष्टाचार के मामलों की जांच करने वाली एजेंसी में ही कथित डीलिंग और सेटिंग के आरोप सामने आने से लोकायुक्त संगठन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हुए हैं। दैनिक भास्कर द्वारा उजागर किए गए वीडियो के बाद हुई इस कार्रवाई को संगठन की साख बचाने और जवाबदेही तय करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।

आगे भी हो सकती है कार्रवाई

सूत्रों का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है। जांच में यदि अन्य अधिकारियों या कर्मचारियों की भूमिका सामने आती है तो उनके खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई की जा सकती है।

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