दमोह। वर्ष की पहली मेगा लोक अदालत का आज जिला न्यायालय दमोह में आयोजन किया गया। कार्यक्रम के शुभारंभ प्रधान जिला न्यायाधीश सुभाष सोलंकी ने मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलित कर एवम माल्यार्पण कर किया। इस अवसर पर विशेष न्यायाधीश उदय सिंह मरावी, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट स्नेहा सिंह, दमोह जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष कमलेश भारद्वाज व उपाध्यक्ष सुरेश खत्री के साथ चीफ लीगल डिफेंस कॉउंसिल मनीष नगाइच व तृतीय श्रेणी कर्मचारी अध्यक्ष दीपक सोनी व चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी अध्यक्ष विश्नाथ बिल्थरे की मौजूदगी में प्रधान न्यायाधीश ने तृतीय वर्ग कर्मचारियों को प्रमाण पत्र वितरित किये।
टूटते रिश्तों को फिर जोड़ा
लोक अदालत के माध्यम से प्रधान न्यायाधीश मो.अजहर के कुटुंब न्यायालय में पारिवारिक मामलों का सुलझाकर टूटते रिश्तों को बचाया गया।चीफ लीगल डिफेंस कॉउंसिल मनीष नगाइच ने जानकारी सांझा करते हुए बताया के भारती एवम विजय के मध्य 2022 में विवाद हुआ था किंतु पति द्वारा प्लेटिना मोटरसाइकिल की मांग पर से पति पत्नि में विवाद बढ़ गया और अपैल 2025 से पत्नी मायके में रहने लगी और कुटुंब न्यायालय में पति के विरुद्ध मामला पेश कर दिया मामले के वकील पी आर पटेल ने बताया के न्यायालय में दोनों पक्षों के उपस्थित होने के बाद उन्हें न्यायाधीश ने समझाया और विवाद का अंत करवाने प्रेरित किया जिस पर दोनों पति पत्नि में फिर से सुलह हो गई। इसी तरह राजा एवं कीर्ति के मध्य वैवाहिक विवाद का था जिसमे रजा अपनी पत्नी कीर्ति से परेशान था उसके अनुसार उसकी पत्नी बार बार मायके चली जाती है इसी बात पर से राजा पत्नी के विरुद्ध न्यायालय में केस कर दिया प्रधान न्यायाधीश मो. अजहर ने पति को समझाइश दी के पत्नी अपने पति से ज्यादा न बोलेगी तो किससे बोलेगी। वहीं पत्नी को समझाया के अपनी बात पति को कम शब्दों में बताया करो और मायके कुछ अवसरों पर जाने के अलावा पति के साथ रहा करो न्यायाधीश की यह समझाईश असर कर गई मामले के वकील मुन्ना विश्वकर्मा दोनो पक्षों में सुलह होने के बाद उन्हें साथ लेकर गए। तीसरा मामला दमयंती मनीराम के बीच का वैवाहिक विवाद था इस मामले में दमयंती का कमजोरी के चलते मिसकैरेज हो गया था पति इस बात को लेकर आशंकित था के पत्नी अब बांझ ही रहेगी,बस यहीं से विवाद शुरू हुआ मामले की वकील द्रोपती सिंह ने बताया कि दोनों पति पत्नी को समझाया गया के जीवन बहुत बड़ा है और नई मेडिकल तकनीक से सब सम्भव है, केवल इतनी बात पर अलग अलग रहना ठीक नहीं मध्यस्थता के माध्यम से दी गई सुलह समझाइश काम कर गई और पति पत्नी वैवाहिक विवाद का निपटारा कर साथ रहने तैयार हो गए। जिसके बाद सभी को पौधा भेंट कर न्यायालय से विदा किया गया।