पंचायत सचिव और प्यून रिश्वत के साथ दबोचे गए

दमोह। जिले में दो और रिश्वतखोर कर्मचारी रिश्वत लेते लोकायुक्त द्वारा रंगे हाथ पकड़े गए है। प्रधानमंत्री आवास योजना की किस्त जारी करने की आवाज में रिश्वत की मांग की गई थी। बताया जा रहा है कि इस रिश्वत की रकम में सचिव के साथ सरपंच की भी मिलीभगत थी, हालांकि लोकायुक्त कार्रवाई को देखते हुए सरपंच ने रिश्वत की रकम से दूरी बना ली है।
जानकारी अनुसार तेजगढ़ निवासी एक महिला की प्रधानमंत्री आवास योजना की किस्त दिलाने के एवज में उसके पति /आवेदक महेंद्र कोष्टी से 15 हजार रुपए रिश्वत की मांग की जा रही थी, जिसके बात 10 हजार रुपए पर सहमति बनी। आवेदक द्वारा रिश्वत के 4 हजार रुपए पूर्व में दे दिए गए थे और शेष राशि दिए जाने के पूर्व उसने लोकायुक्त सागर में 16 अप्रैल को शिकायत दर्ज कराई। शिकायत की पुष्टि उपरांत लोकायुक्त ने जाल बिछाया और सोमवार को आवेदक ने पहले रिश्वत की रकम आरोपी सचिव जुगराज लोधी को दी जिसके बाद उसने यह रिम उसके प्यून गुड्डा रैकवार को रखने दे दी। इसके बाद लोकायुक्त ने उसे धर दबोचा जहां उनके हाथ भी कैमिकल में रंग गए।
दूसरी किश्त की मिलनी थी राशि
शिकायतकर्ता के अनुसार उसकी पत्नी के नाम पर पीएम आवास स्वीकृत हुआ था, जिसमें 1 लाख 20 रुपए की राशि मिलनी थी। उसकी पहली किस्त आ चुकी थी और दूसरी किस्त आना थी जिसे दिलाए जाने के लिए रिश्वत की मांग की गई थी। पूर्व में जब उसने पैसे देने से मना किया तो उसकी किस्त जारी नहीं की गई। सचिव का कहना पर वह सरपंच प्रतिनिधि विजय जैन से मिला तो उन्होंने भी 10 हजार की रिश्वत की मांग की।

राष्ट्र वैभव के लिए मयंक जैन और विशाल रजक