स्व सहायता समूहों की लोन राशि पहुंची प्रबंधक की पत्नी के खाते में!
मामला सामने आने के बाद 15 लोगों पर दर्ज हुई एफआईआर, दो मिशन प्रबंधक की सेवाएं हुई समाप्त
एक जांच में ही सामने आया 20 लाख का घोटाला, अब जिले भर की अनियमितताओं पर होगी नजर
दमोह। जिले में आजीविका मिशन की परियोजनाओं में हुए फर्जीबाड़े की परतें अब खुलने लगी है। जांच में सामने आए पहले फर्जीबाड़े में आजीविका मिशन अंतर्गत पटेरा क्षेत्र में 20 लाख रुपए का फर्जीवाड़ा स्पष्ट हुआ है। मामले में परियोजना प्रबंधक ने समूहों को दी गई राशि अपनी पत्नी के निजी खाते में स्थानांतरित कराई। इस राशि से पटेरा क्षेत्र में ही 4.3 एकड़ भूमि खरीदी गई जिस पर कॉलोनी बसाए जाने की प्रक्रिया होने की बात सामने आ रही है। मामले में गुरुवार शुक्रवार देर रात आजीविका मिशन के अधिकारियों ने कोतवाली थाना क्षेत्र में फिर दर्ज कराई है जिसमें दो प्रबंधक सहित स्व सहायता समूहों और बैंक प्रबंधन से जुड़े 15 लोगों को आरोपी बनाया गया है। दूसरी और प्रशासन द्वारा कार्यवाही करते हुए अजीब का मिशन के दो प्रबंधक नजीब खान और हटा प्रबंधक संजीव सिंह गौतम की सेवाओं को समाप्त कर दिया गया है।

इस तरह किया गया फर्जीवाड़ा
मामले में की गई विभागीय जांच के बाद 16 अक्टूबर को प्रस्तुत जांच रिपोर्ट के अनुसार विकासखंड हटा अंतर्गत चार स्वसहायता समूह कंगना समूह, जय मां काली समूह, संत समूह व पारस स्वसहायता समूह के लोन खाते में क्रमशः 5-5 लाख रुपए बैंक ऋण की कुल राशि 20 लाख रुपए विकासखंड पटेरा के मोहास में गठित केजीएन स्व सहायता समूह के खाते में ट्रांसफर की गई थी। इस समूह के खाते में राशि पहुंचने के बाद यह राशि सीधे पटेरा विकासखंड प्रबंधक नजीब अहमद खान की पत्नी शायका खान के निजी बैंक खाते में भेजी गई। जिससे शासकीय राशि का गबन होने का संदेह सामने आया। मामला सामने आने के बाद जिला पंचायत द्वारा गठित जांच समिति में शामिल जिला प्रबंधक शैलेंद्र श्रीवास्तव, प्रभुशंकर पांडे और जितेन्द्र नेमा ने जांच में अनियमितताएं पाईं, जिसके आधार पर संबंधितों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया गया था।
इन पर दर्ज हुई एफआईआर
प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने कुल 15 आरोपी बनाए है। जिनमें पटेरा विकासखंड प्रबंधक नजीब अहमद खान, उनकी पत्नी शायका खान, हटा विकासखंड प्रबंधक संदीप सिंह गौतम, भारतीय स्टेट बैंक शाखा पटेरा के तत्कालीन व वर्तमान प्रबंधक, मध्यप्रदेश ग्रामीण बैंक तत्कालीन व वर्तमान प्रबंधक शाखा स्नेह, पारस स्व सहायता समूह स्नेह अध्यक्ष पूनम कोरी, सचिव रश्मि कोरी, संत स्व सहायता समूह स्नेह अध्यक्ष माया नामदेव, सचिव प्रभा नायक, मां काली स्व सहायता समूह स्नेह अध्यक्ष ऊषा चौरसिया, सचिव रानी चौरसिया, कंगना स्व सहायता समूह स्नेह अध्यक्ष अनीसा बेगम, सचिव शहनाज खान, केजीएन स्व सहायता समूह मोहास अध्यक्ष शमशाद बेगम, सचिव नजमा खान शामिल है। फर्जीवाड़ा वर्ष 2021 का होने के चलते मामले में भारतीय न्याय संहिता से संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है और मामले से जुड़ा बैंक रनेह थाना क्षेत्र से संबंधित होने के चलते आगे की जांच रनेह थाना क्षेत्र की पुलिस द्वारा की जाएगी।
सेवा समाप्ति के आदेश जारी
फिर दर्ज होने के बाद कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर ने मध्य प्रदेश शासन पंचायत व ग्रामीण विकास विभाग के प्रावधानों के तहत प्रशासनिक तथा वित्तीय अनियमितता कर्तव्य निर्वाहन में घोर लापरवाही कदाचरण के आरोप में संदीप सिंह गौतम प्रभारी विकासखंड प्रबंधक एसआरएलएम हटा और नजीब अहमद खान प्रभारी विकासखंड प्रबंधक एसआरएलएम पटेरा की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी हैं। जारी आदेश के अनुसार जांच के दौरान पाया गया है कि विकासखंड हटा अंतर्गत गठित समूह के खातों से दूसरे विकासखंड पटेरा अंतर्गत गठित समूह के खाते में राशि का हस्तांतरण किया गया है जो कि बगैर किसी आदेश या स्वीकृति के दूसरे कार्य क्षेत्र में अन्य समूह के खाते में राशि हस्तांतरित किया जाना वित्तीय अनियमितता की श्रेणी में आता है। उक्त राशि स्व-सहायता समूह के बैंक लिंकेज के माध्यम से विभिन्न व्यावसायिक गतिविधि प्रारंभ करने हेतु उपलब्ध कराई गई थी जो चारों समूह के राशि नियम विरुद्ध कार्य क्षेत्र के बाहर हस्तांतरित किए जाने के कारण उद्देश्य की पूर्ति होना नहीं पाया गया। जिस पर कड़ी कार्रवाई की गई है।भ्रष्टाचार की कई कहानियां आएंगी सामने पहले मामले में ही जिस तरह से 20 लाख का फर्जीवाड़ा सामने आया है। आशंका जताई जा रही है जिलेभर में आजीविका मिशन से जुड़े कई घोटाले अभी भी सामने आ सकते है। दरअसल आजीविका मिशन के अधिकारियों द्वारा मिशन के अनेक कार्यक्रमों में स्व सहायता समूह के साथ मिलकर इसी तरह का फर्जीवाड़ा किया जाता रहा है। दूसरी ओर इस मामले में फर्जीवाड़ी की रकम से जमीन खरीदे जाने की जो बात सामने आई है अब उसकी जांच भी पुलिस द्वारा की जाएगी कि आखिरकार यह पूरी राशि किन-किन लोगों तक पहुंची और किस तरह से इसका निजी उपयोग किया गया।
विभागीय अधिकारियों की शिकायत पर कोतवाली पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। अब शिकायत के आधार पर आगे की जांच रनेह थाना पुलिस द्वारा की जाएगी।
मनीष कुमार
कोतवाली थाना प्रभारी
