स्कूल छात्राओं की बोतल में मिलाया गया जहरीला पदार्थ!
पानी पीने से दो छात्राओं की हालत बिगड़ने पर जिला अस्पताल में कराया गया भर्ती, अब आरोपों की गुत्थी सुलझाने में जुटा महकमा

दमोह। जिले के तेजगढ़ थाना क्षेत्र की इमलिया चौकी अंतर्गत टोरी माध्यमिक शाला में मध्यान्ह भोजन के दौरान दो छात्राओं की पानी की बोतल में जहरीला पदार्थ मिलाए जाने का मामला सामने आया है। जहरीला पानी पीने के बाद 11 वर्षीय दो बालिकाओं अनीता पिता हरिदास अहिरवार निवासी दभा और दुर्गा पिता निरपत लोधी निवासी अथाई को उल्टियां होनी शुरू हो गई। उसके बाद दोनों को गंभीर हालत में दमोह जिला अस्पताल लाया गया जहां इलाज के बाद उनकी हालत में सुधार है। घटना पर परिजनों द्वारा पानी की बोतल में जहरीला पदार्थ मिलाए जाने की बात कही गई है वहीं अनीता के परिजनों ने अनीता के साथ एक वर्ष पूर्व भी इसी प्रकार की घटना होने और इसकी शिकायत पुलिस में कराए जाने की बात कही है।
कलेक्टर ने तत्काल दिए कार्यवाही के निर्देश
घटना की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर ने तत्काल ही शिक्षा विभाग के अधिकारियों को कार्यवाही के आदेश देते हुए 48 घंटे में जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए कहा है और साथ ही पुलिस में मामले की एफआईआर दर्ज करने के निर्देश भी दिए हैं।
आरोपों की पुष्टि में जुटा विभाग
मामला सामने आने के और कलेक्टर के निर्देशों के आधार पर शिक्षा विभाग और पुलिस की टीम अपनी जांच में जुटी गई है, लेकिन प्रारंभिक स्तर पर कोई भी निष्कर्ष सामने आता हुआ नजर नहीं आ रहा है। शुक्रवार को तेजगढ़ थाने की इमलिया चौकी पुलिस के साथ शिक्षा विभाग के अधिकारी जिला अस्पताल पहुंचे जहां उनके द्वारा पीड़ित छात्राओं अनीता अहिरवार और दुर्गा लोधी के साथ उनके परिजनों के बयान दर्ज किए गए हैं। इसके साथ ही उनके द्वारा इलाज कर रहे डॉक्टर्स से भी बच्चों के स्वास्थ्य के संबंध में जानकारी जुटाते हुए स्कूल का भी निरीक्षण किया गया है। प्रारंभिक स्तर पर पुलिस और विभाग कोई भी निष्कर्ष नहीं निकाल पा रहा है और बच्चे किस जहरीले पदार्थ के सेवन से बीमार हुए यह भी फिलहाल स्पष्ट नहीं हो सका है। शिक्षिका यशवंती लोधी शिक्षिका और बालिका अनिता लोधी परिजनों के आरोपों के आधार पर जांच को दिशा दी जा रही है, लेकिन संबंधित स्कूल में सीसीटीवी ना होने से फिलहाल यह भी स्पष्ट नहीं हो पा रहा है की बालिकाओं की पानी की बोतल में किसके द्वारा जहरीला पदार्थ मिलाया गया था। लेकिन परिजन बोतल में किसी पीले रंग की टेबलेट होने की बात कह रहे है।
शिक्षकों के बीच तनातनी!
घटना के दूसरे दिन इलाज के उपरांत बालिकाओं की हालात सामान्य है और वह जिला अस्पताल में डॉक्टरों की निगरानी में इलाजरत है। घटना के बाद यह भी सामने आ रहा है की स्कूलों में पदस्थ शिक्षकों के बीच आपसी समन्वय का अभाव था और उनके बीच विवाद की स्थिति भी रही है। जिसके कारण ऐसी आशंका भी जताई जा रही है कि कहीं किसी विवाद के चलते तो बालिकाओं को निशाना नहीं बनाया गया। मामले में एक बालिका के परिजन स्कूल के एक शिक्षक पर शक भी जता रहे है। मामले में शुक्रवार तक कोई भी एफआईआर पुलिस द्वारा दर्ज नहीं की गई है और पुलिस द्वारा शिक्षा विभाग और डॉक्टरी रिपोर्ट के आधार पर एफआईआर दर्ज की जाएगी।
मामले में जांच और एफआईआर कराए जाने के निर्देश दे दिए गए है। जांच तथ्यों के बाद आगामी कार्यवाही होगी।
सुधीर कोचर
कलेक्टर दमोह
मामले में जांच करते हुए बालिकाओं और पीड़िताओं के बयान दर्ज किए है। घटना के असली कारणों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।
मुकेश द्विवेदी
डीपीसी दमोह
बालिकाओं के बयान दर्ज कर लिए गए है और डॉक्टर्स रिपोर्ट और विभागीय अधिकारियों के कथनों के आधार पर मामला दर्ज कर जांच की जाएगी।
अक्छेंद्र नाथ
इमलिया चौकी प्रभारी
