अवैध हथियार से जुड़े मामले में न्यायालय में 7 को पाया दोषी

कोतवाली थाना पुलिस ने पकड़ी थी अवैध हथियारों की फैक्ट्री

दमोह। कोतवाली थाना क्षेत्र में वर्ष 2025 में पुलिस द्वारा पकड़ी गई अवैध हथियारों की फैक्ट्री मामले में बुधवार को न्यायाधीश पंकज कुमार वर्मा ने अपना फैसला सुनाते हुए आरोपियों को दोषी पाए हुए कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई।

मामले के संबंध में शासन की ओर से पैरवी करने वाले शासकीय अभिभाषक राजीव बद्री सिंह ठाकुर ने जानकारी देते हुए बताया कि दिनांक 2 जनवरी 2025 को थाना कोतवाली में पदस्थ एएसआई राकेश पाठक को मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि चैनपुरा मोहल्ले में तीन व्यक्ति बोरी में अवैध हथियार लेकर उन्हें बेचने की फिराक में बैठे हैं। सूचना के आधार पर एएसआई पाठक ने पुलिस टीम गठित कर मौके पर दबिश दी, जहां तीन संदिग्ध व्यक्ति बोरी के साथ पाए गए।पुलिस द्वारा तलाशी लेने पर बोरी से 10 देसी कट्टे एवं 2 पिस्टल बरामद किए गए। पूछताछ में आरोपियों ने अपने नाम भूरा उर्फ रजनीकांत विश्वकर्मा (23), भारतभूषण बंसल (39) एवं परमसुख रैकवार (60) बताए।

सामने आई अवैध हथियारों की फैक्ट्री

जांच और पूछताछ में यह सामने आया कि पकड़े गए आरोपी इन हथियारों को सोहेल खान, समीर खान, रितिक राज एवं दुर्गा पटेल को बेचते थे, जो आगे अन्य लोगों को सप्लाई करते थे। इसके अलावा सामने यह भी आया कि अवैध हथियारों का निर्माण भारतभूषण बंसल के घर में संचालित एक अवैध कारखाने में किया जा रहा था। पुलिस ने वहां छापा मारकर बड़ी मात्रा में तैयार एवं अधूरे हथियार तथा निर्माण सामग्री जब्त की। पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। विचारण के दौरान अभियोजन पक्ष ने 12 साक्षियों को प्रस्तुत किया। साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने आरोप सिद्ध मानते हुए भूरा उर्फ रजनीकांत विश्वकर्मा, भारतभूषण बंसल एवं परमसुख रैकवार को आर्म्स एक्ट के तहत दोषी ठहराते हुए 10-10 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। वहीं सह-आरोपी सोहेल खान, समीर खान, रितिक राज एवं दुर्गा पटेल को ढाई-ढाई वर्ष के सश्रम कारावास एवं कुल 29 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया गया।

अधिवक्ता राजीव बद्री ठाकुर

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