
दमोह। जिले के हटा थाना क्षेत्र अंतर्गत एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां एक परिवार ने पुलिस अधीक्षक को आवेदन देकर सुरक्षा की गुहार लगाई है। आवेदन में बताया गया कि 28 अप्रैल 2026 की शाम करीब 6 बजे हजारी भवन, हटा में परिवार के कुछ सदस्यों द्वारा उनके साथ मारपीट, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी दी गई।

परिवार के लोग ही है शामिल….
आवेदनकर्ता आदित्य वर्धन हजारी एवं अजय वर्धन हजारी ने आरोप लगाया है कि इस घटना में परिवार के आलोक वर्धन हजारी और अनुवंश हज़ारी सहित कई लोग शामिल थे।जिनके खिलाफ कई आपराधिक मामले थाने में दर्ज है। पीड़ितों का कहना है कि घटना की सूचना थाना हटा में देने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
थाना हटा में नही हुई सुनवाई।
पीड़ित परिवार के अनुसार घटना की जानकारी थाना हटा प्रभारी टीआई सुधीर बेगी को दी गई, लेकिन उनके द्वारा कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई, जिसके चलते उन्हें आवेदन लेकर पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचना पड़ा।
5 मई को हे घर मे शादी,घर मे दहशत का माहौल।

परिवार ने यह भी बताया कि 5 मई 2026 को उनके पुत्र का विवाह निर्धारित है, ऐसे में आरोपियों द्वारा लगातार धमकियां दी जा रही हैं, जिससे विवाह समारोह में बाधा उत्पन्न होने और किसी अप्रिय घटना की आशंका बनी हुई है।
आवेदन में यह भी उल्लेख किया गया है कि आरोपियों ने एक रिश्तेदार को घर में बंद करने का प्रयास किया, जिसकी जानकारी थाना प्रभारी को भी दी गई है। पीड़ित पक्ष ने आशंका जताई है कि उन्हें झूठे मामलों में फंसाया जा सकता है और उनके परिवार की जान-माल को खतरा है।
पीड़ित परिवार ने पुलिस प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने तथा विवाह समारोह के दौरान सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराने की मांग की है, ताकि कार्यक्रम शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो सके।
अब बड़ा सवाल यह है कि जब समय रहते शिकायत की गई, तो आखिर कार्रवाई क्यों नहीं हुई? और क्या किसी बड़ी घटना के बाद ही प्रशासन जागेगा?