फरियादी ही निकल माइक्रो फाइनेंस कंपनी की लूट का मास्टरमाइंड,देहात थाना पुलिस ने सुलझाई गुत्थी।

दो साथियों के साथ मिलकर रची थी लूट की साजिश, 1.05 लाख रुपए नगद समेत बाइक और तीन मोबाइल बरामद

दमोह। जबलपुर नाका चौकी, थाना दमोह देहात क्षेत्र में माइक्रो फाइनेंस कंपनी की कलेक्शन राशि लूटने के मामले का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। जांच में सामने आया कि जिस युवक ने खुद लूट की शिकायत दर्ज कराई थी, वही पूरी साजिश का मुख्य सरगना निकला। फरियादी ने अपने दो साथियों के साथ मिलकर लूट की योजना बनाई और पुलिस को गुमराह करने के लिए दो अज्ञात बाइक सवारों द्वारा लूट किए जाने की कहानी गढ़ दी।

8 अगस्त को दर्ज हुई थी लूट की शिकायत

दिनांक 08 अगस्त 2026 को घनश्याम अहिरवार पिता कोमल अहिरवार उम्र 21 वर्ष, निवासी ग्राम पिपरिया, थाना सुरखी, जिला सागर, हाल निवासी दमोह द्वारा पुलिस को सूचना दी गई थी कि माइक्रो फाइनेंस कंपनी की कलेक्शन राशि लेकर जाते समय उसकी साथी ट्रेनी जूही चंदेल के हाथ से बाइक सवार दो अज्ञात व्यक्तियों ने कलेक्शन राशि से भरा बैग बलपूर्वक छीन लिया।फरियादी की रिपोर्ट पर अपराध क्रमांक 549/2026, धारा 309(4) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की।

50 से अधिक CCTV कैमरों के फुटेज खंगाले

घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक दमोह आनंद कलादगि के निर्देशन में विशेष टीम गठित की गई। पुलिस टीम ने घटनास्थल से लेकर संभावित मार्गों तक करीब 50 CCTV कैमरों के फुटेज खंगाले। इसके साथ ही सीडीआर और अन्य तकनीकी साक्ष्यों का परीक्षण किया गया तथा मुखबिर तंत्र को भी सक्रिय किया गया।जांच आगे बढ़ी तो पुलिस को फरियादी घनश्याम अहिरवार की भूमिका संदिग्ध नजर आई। इसके बाद उससे गहन पूछताछ की गई।

पूछताछ में खुल गया पूरा राज

पुलिस की पूछताछ में घनश्याम ने अपने दो साथियों संजय सौर पिता महादेव सौर उम्र 22 वर्ष और सोहित उर्फ वीरेन्द्र रजक पिता मनेश रजक उम्र 18 वर्ष, दोनों निवासी ग्राम पिपरिया, थाना सुरखी, जिला सागर के साथ मिलकर लूट की साजिश रचने और वारदात को अंजाम देने की बात स्वीकार की और आरोपियों ने लूटी गई राशि में से 1,17,335 रुपए प्राप्त होना बताया। इसमें से करीब 12,335 रुपए खर्च करने के बाद शेष 1,05,000 रुपए आपस में बांट लिए थे।

लूट की रकम भी बढ़ाकर बताई थी

पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि घटना के अगले दिन फरियादी ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ लूट की रिपोर्ट दर्ज कराते हुए लूटी गई राशि को बढ़ाकर करीब 1,23,800 रुपए बताया था। पुलिस की जांच और तकनीकी साक्ष्यों के सामने आने के बाद फरियादी की ही कहानी संदिग्ध साबित हुई और आखिरकार पूरी साजिश का पर्दाफाश हो गया।

1.05 लाख रुपए, बाइक और तीन मोबाइल बरामद

पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर उनकी निशानदेही पर 1 लाख 5 हजार रुपए नगद, घटना में प्रयुक्त एक मोटरसाइकिल और तीन मोबाइल फोन बरामद किए हैं। बरामद सामग्री की कुल कीमत करीब 1 लाख 83 हजार रुपए बताई गई है।मामले में धारा 309(4) बीएनएस के साथ धारा 61(2) बीएनएस का इजाफा किया गया है। तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।

पुलिस टीम की रही अहम भूमिका

पुलिस अधीक्षक आनंद कलादगि के मार्गदर्शन में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुजीत भदौरिया एवं नगर पुलिस अधीक्षक एच.आर. पाण्डेय के निर्देशन में थाना प्रभारी दमोह देहात निरीक्षक धर्मेन्द्र उपाध्याय, उनि प्रियंका पटैल, सउनि अभय सिंह, प्रआर जालम सिंह, डेलन सिंह, चंद्रहास दांगी, आर0 रूपेश यादव ,गौरव मिश्रा, गौरव घोषी, मनोज पाण्डेय ,लवकुश तिवारी सहित,साइबर पुलिस टीम प्र0आर सौरभ टण्डन, राकेश अठ्या और आर0 मयंक दुबे की सराहनीय भूमिका रही।

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