शिक्षक को मनपसंद पोस्टिंग और विभागीय जांच खत्म करने मांगी थी राशि
मामले में जिला शिक्षा अधिकारी की भूमिका भी संदिग्ध

दमोह। जिले में भ्रष्टाचार को रोकने के लिए लोकायुक्त सागर की एक बड़ी कार्यवाही सामने आई है। रिश्वत मांगे जाने की शिकायत पर कार्यवाही करते हुए लोकायुक्त सागर की टीम ने शिक्षा विभाग के तीन कर्मचारियों को रिश्वत लेते हुए पकड़ा है। आरोपियों को हिरासत में लेकर जबलपुर नाका चौकी के जाकर कार्यवाही की जा रही है। बताया जा रहा है कि एक निलंबित शिक्षक की विभागीय जांच समाप्त करने और उसकी मनपसंद स्थान पर पोस्टिंग करने के लिए रिश्वत की मांग की गई थी।
जानकारी अनुसार नवेन्द्र पुत्र गिरधारी लाल आठ्या 36 वर्ष प्राथमिक शिक्षक विज्ञान तात्कालिक शासकीय उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पटेरा जिला दमोह निवासी ग्राम करैया जोशी तहसील हटा जिला दमोह को एक स्कूली बच्चों से मारपीट के मामले में सितंबर माह में निलंबित कर दिया गया था। इस मामले में उसे बहाल करने के उपरांत उसकी पदस्थापना तेंदूखेड़ा विकासखंड में कर दी गई थी, लेकिन तेंदूखेड़ा से स्थान संशोधित करने और विभागीय जांच समाप्त किए जाने के नाम पर शिक्षा विभाग के पदस्थ शिक्षक अनिल साहू के द्वारा शिक्षा विभाग में पदस्थ बाबू मनोज श्रीवास्तव और सहायक ग्रेड 3 नीरज सोनी के साथ मिलकर 1 लाख रुपए की रिश्वत की मांग की गई। बातचीत के बाद 80 हजार रुपए में रिश्वत की सहमति बनी। इसको लेकर शिकायतकर्ता ने 13 अप्रैल को लोकायुक्त सागर को शिकायत दर्ज कराई और शिकायत की पुष्टि के उपरांत लोकायुक्त की टीम ने अपना जाल बिछाया।
स्कूटी भी हुई जब्त
सोमवार रात आरोपियों ने भोपाल दमोह रोड पर आवेदक से जैसे ही रिश्वत की राशि ली लोकायुक्त टीम ने उन्हें धर दबोचा आरोपियों को हिरासत में लेकर जबलपुर नाका चौकी में कार्यवाही की जा रही है।इस दौरान रिश्वत की रकम रखने में उपयोग आया वाहन क्रमांक MP34 Z 09602 को भी जब्त किया गया है। जांच और पूछताछ में मामले में शामिल लिपिक नीरज सोनी एवं मनोज श्रीवास्तव को भी बुलाकर इस राशि के लेनदेन में शामिल होने की बात प्रमाणित हुई जिस पर लोकायुक्त पुलिस ने अनिल कुमार पुत्र हलकाई प्रसाद साहू उम्र 40 वर्ष पद शिक्षक माध्यमिक शाला भूरी संकुल उर्दू स्कूल दमोह निवासी बीएसएनल कॉलोनी दमोह, मनोज पुत्र स्वर्गीय आरसी श्रीवास्तव उम्र 58 वर्ष पद सहायक ग्रेड 2 कार्यालय जिला शिक्षा अधिकारी दमोह निवासी वसुंधरा कॉलोनी जैन मंदिर के पास सेंट्रल स्कूल के सामने दमोह, नीरज पुत्र स्वर्गीय कमल प्रसाद सोनी उम्र 45 वर्ष पद सहायक ग्रेड 3 कार्यालय जिला शिक्षा अधिकारी दमोह निवासी राधा रमण मंदिर के पास असाटी वार्ड दमोह को गिरफ्तार कर मामला दर्ज किया है। माना जा रहा है कि आरोपियों के बयानों के आधार पर अन्य लोगों को भी मामले में आरोपी बनाया जा सकता है।
लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक योगेश्वर शर्मा के नेतृत्व में की गई कार्यवाही में निरीक्षक रंजीत, मंजू किरण कीर्ति,आरक्षक संतोष गोस्वामी, अजय क्षेत्री, शफीक, नीलेश, मदन, गोल्डी और आदेश शामिल रहे।
जिला शिक्षा अधिकारी की भूमिका संदिग्ध
इस पूरे मामले में जिला शिक्षा अधिकारी एसके नेमा की भूमिका भी नजर आ रही है। दरअसल विभागीय जांच खत्म करने और पोस्टिंग से जुड़े आदेश जिला शिक्षा अधिकारी के द्वारा ही किए जाते हैं ऐसे में कर्मचारियों द्वारा रिश्वत मांगना उनकी जानकारी और सहमति के बिना संभव नहीं है। वर्तमान में जिला शिक्षा अधिकारी लगातार फर्जी शिक्षकों को बचाने में भूमिका निभा रहे हैं और यह भ्रष्टाचार सामने आने पर उजागर करने के पूर्व ही उसे छिपा लेते है। कई मामले ऐसे भी सामने आए हैं जिसमें इन्हें विभागीय फर्जीवाड़े की जानकारी दिए जाने पर यह मामले को दबा लिया जिसमें संबंधित शिक्षकों या कर्मचारी से रिश्वत इनके द्वारा लेने का अंदेशा है।
