संदिग्ध परिस्थिति में मिला महिला का शव… वैज्ञानिक अमले की कमी बनी बड़ी चुनौती, सीता बावली की घटना ने खोली व्यवस्था की पोल

शरीफा बी की जीवित अवस्था की फ़ोटो।

राष्ट्र वैभव | दमोह। कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत बजरिया चौकी के नूरी नगर में वृद्ध महिला का संदिग्ध परिस्थितियों में शव मिलने से जहां इलाके में सनसनी फैल गई, वहीं इस घटना ने जिले की एक बड़ी व्यवस्था संबंधी कमी को भी उजागर कर दिया है। सुबह सूचना मिलने पर कोतवाली पुलिस तो पहुंची, लेकिन इसके बावजूद जांच प्रक्रिया में देरी हो रही है। इस घटना ने साफ कर दिया कि जिले में वैज्ञानिक अमले की तत्काल आवश्यकता है।

घटनास्थल की बारीकी से जांच करते हुए अधिकारी

सूचना मिलते ही नगर पुलिस अधीक्षक एच.आर. पांडे, सिटी कोतवाली टीआई मनीष कुमार और बजरिया चौकी पुलिस मौके पर पहुँची। पुलिस द्वारा पड़ोसियों से पूछताछ की जा रही है, लेकिन फिलहाल शव को यथास्थिति रखा गया है क्योंकि सागर से फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट, डॉग स्क्वॉड और वैज्ञानिक अधिकारी के आने का इंतजार किया जा रहा है। उनके पहुंचने के बाद ही आगे की कार्रवाई और पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू हो सकेगी।

प्रारंभिक जानकारी में संदिग्ध हालात
सुबह जब स्थानीय लोगों ने महिला का शव देखा और पुलिस को सूचना दी, तो मौके पर मौजूद लोगों के अनुसार महिला के मुंह में कपड़ा ठूंसा हुआ था, जिससे घटना संदिग्ध प्रतीत हो रही है। साथ ही महिला के कपड़े भी अस्त-व्यस्त स्थिति में पाए गए। इन परिस्थितियों ने मामले को और गंभीर बना दिया है और हत्या की आशंका को बल मिल रहा है।

बजरिया वार्ड 8 की पार्षद हिना ने बताया
मृतका शरीफा बी (उम्र लगभग 60 वर्ष) सीता बावली रोड स्थित नूरी नगर में अकेले किराए के मकान में रहती थी और बीड़ी बनाकर जीवनयापन करती थी। उनके परिवार के सदस्य कटनी जिले के सलामनाबाद में रहते हैं। उन्हें थोड़ा ऊंचा सुनाई देता था। शरीफा बी का व्यवहार काफी अच्छा था और वह शांत स्वभाव की थीं।

दमोह में नहीं है वैज्ञानिक अधिकारी।

प्रश्नों के घेरे में व्यवस्था
गौरतलब है कि दमोह जिले में वर्तमान में न तो कोई वैज्ञानिक अधिकारी पदस्थ है और न ही फिंगरप्रिंट विशेषज्ञ उपलब्ध है। पूर्व में पदस्थ अधिकारी के स्थानांतरण के बाद यह पद खाली पड़ा है। परिणामस्वरूप हर गंभीर और संदिग्ध मामले में सागर से टीम बुलानी पड़ती है, जिससे जांच में अनावश्यक देरी होती है और कई बार महत्वपूर्ण साक्ष्य प्रभावित होने की आशंका भी बनी रहती है।

नूरी नगर की यह घटना एक उदाहरण भर है, लेकिन सवाल बड़ा है—आखिर कब तक जिला मुख्यालय होने के बावजूद दमोह इस बुनियादी सुविधा के लिए दूसरे जिले पर निर्भर रहेगा? समय रहते यदि इन पदों पर नियुक्ति नहीं की गई तो भविष्य में भी ऐसी घटनाओं में जांच प्रभावित होती रहेगी।

शरीफ बी का घर,पुलिस ने घटनास्थल पर ताला डाला।

नगर पुलिस अधीक्षक एच.आर. पांडे ने बताया कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। प्रथम दृष्टया मामला संदिग्ध है और हत्या की आशंका से भी इंकार नहीं किया जा सकता। फिलहाल पुलिस जांच में जुटी है, लेकिन इस घटना ने यह जरूर साबित कर दिया है कि जिले में वैज्ञानिक अमले की उपलब्धता अब विकल्प नहीं, बल्कि आवश्यकता बन चुकी है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *