February 9, 2026

तेजगढ़ के जंगल में मिला ढाई साल के तेंदुए का शव!

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शरीर पर नहीं चोट के निशान, पोस्टमार्टम रिपोर्ट से कारण होंगे स्पष्ट

दमोह। जिले के तेन्दूखेड़ा उप वनमंडल अंतर्गत तेजगढ़ वन परिक्षेत्र की वंशीपुर बीट में एक नर तेंदुए का शव मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया। गौ घाट भादर नाला के पास मिले इस करीब ढाई वर्षीय तेंदुए की मौत का सही कारण फिलहाल स्पष्ट नही है। प्रारंभिक जांच में शरीर पर किसी भी तरह के चोट या शिकार के निशान नहीं मिले हैं, जिससे प्रथम दृष्टया मामला प्राकृतिक मौत या बीमारी का माना जा रहा है।

चरवाहों ने देखा शव

गुरुवार सुबह चरवाहों ने वंशीपुर बीट (PF 42) के समीप नाले के पास तेंदुए का शव देखा और इसकी सूचना वन विभाग को दी। खबर मिलते ही दमोह डीएफओ ईश्वरदास जरांडे, तेजगढ़ रेंजर नीरज पांडे दलबल के साथ मौके पर पहुंचे। घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए वीरांगना रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व से डॉग स्क्वायड की टीम को भी बुलाया गया, जिसने आसपास के क्षेत्र में सघन सर्चिंग की।

भूख या बीमारी की आशंका

वन विभाग के अनुसार, तेंदुए के सभी अंग सुरक्षित पाए गए हैं। पोस्टमार्टम के दौरान पशु चिकित्साधिकारी डॉ. पंकज चौबे और डॉ. हरिकांत बिलवार ने पाया कि तेंदुए की आंतें पूरी तरह खाली थीं। इससे यह आशंका जताई जा रही है कि तेंदुए की मौत लंबे समय तक भूखा रहने, कमजोरी या किसी गंभीर बीमारी के कारण हुई होगी। सुरक्षा के लिहाज से वन विभाग ने नाले के पानी का ‘लिटमस टेस्ट’ भी कराया है, ताकि जहरखुरानी जैसी किसी भी आशंका को खारिज किया जा सके।

NTCA गाइडलाइन के तहत हुआ पोस्टमार्टम

उप वनमंडल अधिकारी प्रतीक दुबे ने बताया कि राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) की गाइडलाइन के अनुसार शव का पोस्टमार्टम कराकर सैंपल फॉरेंसिक जांच के लिए लैब भेजे गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असली वजह स्पष्ट होगी। गौरतलब है कि इसी परिक्षेत्र में करीब ढाई साल पहले भी घटरिया बीट के पास एक तेंदुए का सड़ा-गला शव मिला था।क्षेत्र में बढ़ रही तेंदुओं की संख्यावन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, तेन्दूखेड़ा उप वनमंडल की चारों रेंजों में तेंदुओं की संख्या में इजाफा हुआ है। वर्तमान में यहाँ करीब 30 से 40 तेंदुए (शावकों सहित) मौजूद हैं। वर्तमान में चल रही बाघ गणना से क्षेत्र में मांसाहारी वन्यजीवों की सटीक संख्या और उनकी स्थिति का स्पष्ट पता चल सकेगा।

तेंदूखेड़ा से सहयोगी विशाल रजक

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