चर्चित मिशन अस्पताल मामले में फरार आरोपी को पुलिस ने साइबर सेल की मदद से किया गिरफ्तार
मामले में इनामी आरोपी फ्रैंक हैरिसन उर्फ बबला की हुई गिरफ्तारी

दमोह। नगर के चर्चित मिशन अस्पताल के फर्जी डॉक्टर और फर्जी कैथलैब मामले में पुलिस ने एक और आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता पाई है। दमोह पुलिस ने मामले में दर्ज हुई दूसरी एफआईआर में बनाए गए आरोपियों में शामिल फ्रैंक हैरिसन उर्फ बबला को साइबर सेल की मदद से राजधानी भोपाल से गिरफ्तार किया है। आरोपी को गिरफ्तार कर पुलिस की टीम कोतवाली थाना लेकर आई, जिसके बाद अब उसे न्यायालय में पेश किया जाएगा।
बता दे कि दमोह में मिशन अस्पताल के फर्जी कॉर्डियोलॉजिस्ट के इलाज से हुई 7 मौतों और फर्जी कैथलैब का मामला सामने आने के बाद सामाजिक कार्यकर्ता दीपक तिवारी द्वारा मानवाधिकार आयोग के संज्ञान में मामला लाए जाने पर डॉक्टर सहित अस्पताल प्रबंधन से जुड़े लोगों पर मामला दर्ज किया गया था और अस्पताल की मान्यता खत्म कर उसे बंद कर दिया गया था।
तीन गिरफ्तारियां और एक को मिली अग्रिम जमानत
बता दें कि इस पूरे मामले में पुलिस ने कोतवाली थाना में दो एफआईआर दर्ज की थी।प्रकरण क्रमांक 225/25 में आईपीसी 420,468,467, 471( 34), मध्यप्रदेश आयुर्वेद अधिनियम की धारा 24 और प्रकरण क्रमांक 245/ 25 में उपरोक्त सभी धाराओं के साथ 304 b, मध्यप्रदेश उपचार अधिनियम की धारा 12 का मामला दर्ज हुआ है। इन दोनों मामलों में कुल 10 लोगों को आरोपी बनाया गया था। पुलिस कार्यवाही में सबसे पहले पुलिस ने आरोपी डॉक्टर एन जॉन केम को गिरफ्तार किया था जो फिलहाल जेल में है। इसके बाद शेष आरोपियों की गिरफ्तारी पर इनाम की घोषणा की गई और पुलिस ने मामले के एक आरोपी विजय लैंबर्ड को उत्तराखंड से और अब आरोपी फ्रैंक हैरिसन को भोपाल से गिरफ्तार कर लिया है। मामले की एक आरोपी आशिमा न्यूटन को अग्रिम जमानत और गिरफ्तार आरोपी विजय लैंबर्ड को रेग्युलर जमानत मिल चुकी है। शेष आरोपियों में शामिल अजय लाल, इंदु लाल सहित अन्य आरोपी अभी भी फरार है।
साइबर सेल और मुखबिर की रही भूमिका
सूत्र बताते है कि इस गिरफ्तारी में साइबर सेल और मुखबिर तंत्र की महत्वपूर्ण भूमिका रही। कई दिनों से पुलिस की चकमा दे रहा आरोपी, क्रिसमस पर्व के चलते मुखबिर की नजर में आया, जिसके बाद साइबर सेल ने आरोपी की लोकेशन को पुख्ता किया। लोकेशन मिलते ही पुलिस अधिकारी बृजेश पांडे के नेतृत्व में टीम रवाना हुई और आरोपी को गिरफ्तार कर दमोह लाया गया।
शिकायतों और प्रदर्शन के बाद हो रही गिरफ्तारी
इस चर्चित मामले में हो रही गिरफ्तारियों पर आमजन की नाराजगी अभी भी देखी जा रही है। दअरसल इस मामले के आरोपी अजय लाल एक अन्य मामले में गिरफ्तारी के पूर्व पुलिस निगरानी के दौरान अपने घर से भागने में सफल रहे थे। न्यायालय द्वारा उनकी गिरफ्तारी पर रोक भी लगाई गई, लेकिन मिशन अस्पताल मामले में भी वह आरोपी बन गए और अब तक गिरफ्तारी से दूर है। इस दौरान अजय लाल के विदेशों के भारत के विरुद्ध दुष्प्रचार किए जाने के मामले भी सामने आए लेकिन कार्यवाही नहीं हुई। हालातों के चलते सामाजिक कार्यकर्ता अधिवक्ता दीपक तिवारी द्वारा सीएम हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज कराए जाने पर पुलिस ने एक गिरफ्तारी की और कुछ दिन पूर्व हिंदूवादी संगठनों के विरोध के बाद फिर एक गिरफ्तारी की गई है। हालांकि मामले में पुलिस अधीक्षक श्रुतकीर्ति सोमवंशी ने एसआईटी भी गठित की है जिसमें विवेचक सीएसपी एचआर पाण्डेय, सहायक विवेचक के रूप में कोतवाली थाना प्रभारी मनीष कुमार, महिला थाना प्रभारी फ़ेमिदा खान, प्रधान आरक्षक राजकुमार बिदौलया सहित एक अन्य शामिल है। यह टीम संबंधित मामले में अन्य लोगों की संलिप्तता और अन्य बिंदुओं की जांच कर रहे है।

सुनिए नगर पुलिस अधीक्षक एचआर पांडे को
